उपनिषद का उद्देश्य विद्यार्थियों के हित में काम करना ,उन्हें नई दिशा देना ,उनकी समस्याओं का समाधान

यह ब्लॉग खोजें

शनिवार, 3 जुलाई 2010

तुलशी एक संजीवनी

तुलशी क गाछ सबटा रोग पर संजीवनी अछि / एही में अनेको प्रकारक गुण अछि जेना ज्वर नाशक , खाँसी निवारक ,चर्मरोग परिहारक इत्यादी अनेको प्रकारक गुण पायल जायत अछि/
मिथिला के घर घर में तुलशी के पूजा सनातन सं भा रहल अछि / घर के आँगन में दाहिना तरफ तुलशी चौरा आ ओही में बनल बजरंगबलि सब आँगन में भेटत ये / एय सं बहार होमए बाला प्राणबायु बहुत शुद्ध होएत अछि तकर ज्ञान आब सौंसे दुनिया क भगेल ये/ इ हृदय रोगी क लेल बहुत परिणाम करी अछि/ ताहू में इ जनि जायत के लेले बहुत लाभप्रद अछि तें मिथिला में नित्य तुलशी पूजा आ प्रदक्षिणा करबाक प्रथा अछि/ त आबू आ संकल्प करी जे अपन आस पास तुलशी के गाछ जरुर लगाबी / जां अहाँ गाम से बहार कोनो सहर में छि तइयो अपन छत पर तुलशी जरुर लगाबी/